Rooted Device Meaning in Hindi—जानिए Rooted फोन का राज

आजकल एंड्राइड एडवांस हो गया है और हमें इस प्रकार की सुविधा का जरूरत नहीं पड़ता मगर फिर भी अगर आप Root के बारे में जानना चाहते है या Rooted device meaning in hindi से जुड़े कुछ जरूरी सवालों के जवाब जानना चाहते है तो आप बिल्कुल सही जगह पर है। इस लेख में हम आपको एंड्रॉयड डिवाइस रूट कैसे होता है और यह क्या होता है इसके बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी देंगे। 

rooted device meaning

Rooted device meaning in Hindi

आज से कुछ साल पहले जब हम एंड्रॉयड फोन खरीदते थे तो उसमें किसी भी ऑन वाई फाई का पासवर्ड जाने बगैर उसके पासवर्ड को क्रैक करने की सुविधा या स्क्रीन रिकॉर्ड करने की सुविधा इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं थी। अर्थात हमारे पास जो एंड्रॉयड फोन होते थे उसमें कुछ ऐसे फीचर थे जिनका इस्तेमाल करने पर रोक लगी हुई थी। जब हम कुछ हेरफेर करके उस रोक को तोड़ते है तो उसे रूट कहा जाता है। 

सरल भाषा में कहें तो रूट का अर्थ होता है कि मोबाइल कंपनी वाले एंड्राइड में कुछ सीमाएं रखते हैं जब हम सेटिंग के जरिए उन सीमाओं को तोड़ देते हैं और छुपे हुए सभी फीचर का इस्तेमाल कर पाते हैं तो इसे हम रूट करना कहते हैं। 

फोन को रूट करने का मतलब होता है एक तरह से फोन के सभी छुपे हुए टीचर्स को बाहर निकालना यह एक तरीके का प्रोसेस है जिसे करने के बाद आप अपने एंड्राइड वर्जन को बढ़ा सकते है, एंड्रॉयड फोंट चेंज कर सकते है। हालांकि आजकल हमें एंड्राइड मोबाइल में विभिन्न प्रकार के फीचर्स मिलते हैं जिनसे हमारा सभी प्रकार का कार्य हो जाता है इसलिए रूट करने की आवश्यकता नहीं पड़ती मगर फिर भी अगर आप ऐसा कोई कार्य कर रहे हैं जिसके लिए आपको एंड्रॉयड के छुपे हुए फीचर्स को एक्टिवेट करना पड़े तो आप रूट कर सकते हैं। 

इससे पहले कि आप रूट करने की प्रक्रिया के बारे में जानना चाहे आपको बता दें कि इससे सही नहीं माना जाता है इससे फोन के बिगड़ने या बंद होने की संभावना भी कहीं अधिक रहती है। 

रूट करने के फायदे

रूट करने से हमें काफी फायदा होता है भले ही यह कार्य जोखिम भरा है मगर आपको किस तरह का फायदा होगा इसके बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी दी गई है –

  • आप अपने एंड्रॉयड वर्जन को बढ़ा सकते हैं.

अगर आप अपने फोन को रूट करते है तब आपको अपने एंड्रॉयड वर्जन को बढ़ाने की सुविधा भी मिलती है। अर्थात अगर आपका एंड्राइड वर्जन 4.1 है तो आप उसे रूट करके 5.1 में बदल सकते हैं। 

  • अपने फोन का डिफॉल्ट फोंट बदल सकते हैं और कस्टम फोंट ऐड कर सकते हैं। 

फोंट का अर्थ होता है जिस तरीके से लिखा गया है अर्थात लिखने की स्टाइल को फोंट कहते हैं। जिस तरीके से आपके फोन में कोई भी चीज़ लिखी गई है उसे स्टाइल को आप Root करके बदल सकते हैं हालांकि इससे ज्यादा अच्छा फीचर यह है कि आप को अगर किसी खास प्रकार के स्टाइल अपने फोन में चाहिए तो आप अपने फोन को रूट करके खुद का बेहतरीन फोंट अपलोड कर सकते हैं। 

  • प्री इंस्टॉल ऐप को डिलीट कर सकते है 

कई बार हम मोबाइल को केवल इस वजह से रिसेट नहीं मारते क्योंकि मोबाइल डिफॉल्ट स्टेज में चल जाएगी और उस वक्त आपको वह सारे ऐप भी देखने को मिलेंगे जो प्रीइंस्टॉल होते है। बहुत सारे ऐसे ऐप मोबाइल में पहले से डाल कर दिए जाते है जिनकी हमें खास आवश्यकता नहीं होती अगर आप इस तरह के ऐप को डिलीट करना चाहते है तो आमतौर पर आप उन्हें डिलीट या अनइंस्टॉल नहीं कर पाते। मगर जब आप अपने फोन को रूट करते है तो आपको इस तरह के एप्लीकेशन को डिलीट करने की सुविधा मिलती है। 

Mobile ko root karne ke nuksan

इस तरह के कार्य करना बना रहता है क्योंकि यह सारी कुछ सीमाएं होती है जिन्हें आप लांग नहीं सकते मगर फिर भी आप अपने मोबाइल को रूट करते हैं तो आपको कुछ नुकसान का सामना करना पड़ता है जिसके बारे में नीचे बताया गया – 

  • आप अपनी वारंटी खो देंगे

जब हम कोई फोन खरीदते है तो हमें उस पर वारंटी मिलती है अर्थात अगर हमारा फोन उस वारंटी के समय में खराब होता है तो आपके फोन को मुफ्त में बना दिया जाएगा। मगर जब आप अपने मोबाइल को रूट करने की कोशिश करते है और आपका मोबाइल खराब हो जाता है तो इस परिस्थिति में आपके फोन को दोबारा नहीं बनाया जाता और आप अपनी वारंटी खो देते हैं। 

  • फोन के बिगड़ने की संभावना अधिक होती है

अगर आप इन कुछ खास फीचर को पाने के लिए अपने फोन को रूट करते हैं तो ऐसा हो सकता है कि आपका फोन खराब हो जाए। रूट करते वक्त फोन का और सो जाना और उसका दोबारा चालू ना होना एक आम समस्या है जिससे कई लोग अपने फोन को खो देते हैं। 

  • आप अपनी सिक्योरिटी खो देंगे

एंड्राइड फोन का हम जब इस्तेमाल करते हैं तो कोई Third पार्टी हमारे मोबाइल को हैंग या खराब ना कर दे इसके लिए एंड्राइड कंपनी बहुत सारे सिक्योरिटी फीचर्स रखती है मगर रूट करते वक्त यह सारी सिक्योरिटी फीचर खत्म हो जाते है और हमारे फोन में वायरस अटैक होने की संभावना बहुत अधिक बढ़ जाती है। 

FaQs

क्या Android Phone की रूटिंग करना सही है?

इसका जवाब हां भी हैं और ना भी क्योंकि हां इसलिए हैं जब आप अपनी Android फोन को Root कर लेते हैं तो इसमें काफी सारे Feature ऑन हो जाते हैं जो साधारण एंड्राइड फोन में नहीं मिलते और ना इसलिए है जब आप अपना Android फोन रूट करते हैं तो इसकी गारंटी खत्म हो जाती है. 

फ़ोन की रूटिंग को IOS में क्या कहते हैं?

फोन की रूटिंग को IOS में Jail Breaking और एंड्राइड में मोबाइल रूटिंग कहा जाता है. 

Rooted Phone Ko Unroot Kaise Kare?

सबसे पहले कंप्यूटर में Kingoroot डाउनलोड करना है.
अब इसे इंस्टॉल कर ले.
फोन को कंप्यूटर के साथ कनेक्ट कर दें. 
फोन की सेटिंग में जाकर USB Debugging को ऑन कर दो.
जैसे ही आपका फोन कंप्यूटर के साथ कनेक्ट होगा आपके सामने Remove Root का ऑप्शन दिखाई देगा. आपको उस पर क्लिक करना है आपका फोन Unroot होना शुरू हो जाएगा.

रूटेड डिवाइस का मतलब क्या होता है?

रूटेड डिवाइस का मतलब है Android डिवाइस के सभी पाबंदियों को हटा देना और इसको डेवलपर मोड में ले जाना जहां पर आप बिना किसी पाबंदियों के अपने एंडॉयड फोन के सभी Feature का आनंद उठा  सकते हैं.

आपका फोन रूट होने पर इसका क्या मतलब है?

फोन पर Root होने का मतलब है कि आप अपने फोन के साथ डेवलपर Mod में किसी भी सेटिंग को अपने तरीके से कस्टमाइज कर सकते हैं कंपनियां फोन को unroot करके देती हैं क्योंकि हम सीमित Setting का इस्तेमाल कर सकें लेकिन फोन के रूट होने के बाद हम और भी ज्यादा फीचर का आनंद ले सकते हैं.

कैसे पता करें कि फोन रूट है या नहीं?

पता लगाने के लिए कि आपका फोन Root है या नहीं, आपको सबसे पहले गूगल प्ले स्टोर से रूट चेकर एप्लीकेशन को इंस्टॉल कर लेना है. रूट चेकर एप्लीकेशन से आप अपने फोन की Root इंफॉर्मेशन चेक कर सकते हैं. अगर आपका फोन Root होगा तो आपको ग्रीन कलर में Root access is properly installed लिखा हुआ दिखाई देगा अगर आपका फोन रूट नहीं है तो आपको रेड कलर में Root access is not properly installed  लिखा हुआ दिखाई देगा. 

बिना पीसी के एंड्रॉइड फोन रूट कैसे करें?

सबसे पहले आपको Kingroot एप्लीकेशन को डाउनलोड करना है.
अब इस एप्लीकेशन को इंस्टॉल कर लेना है.
अभी इस एप्लीकेशन को ओपन करके TRY ROOT बटन पर क्लिक कर देना.
बटन पर क्लिक करते ही रूटिंग प्रोसेस स्टार्ट हो जाएगा और कुछ ही समय में आपका फोन 100% रूट हो जाएगा. 
इसके पश्चात आप Root Checker एप्लीकेशन में जाकर अपने फोन की Root Status चेक कर सकते हैं. 

निष्कर्ष

उम्मीद करते हैं इस लेख को विस्तार पूर्वक पढ़ने के बाद आप Root के बारे में बहुत सारी जानकारी मिली होगी आप समझ पाए होंगे कि रूट करना लाभदायक है या हानि। हालांकि फोन को रूट करना या ना करना यह आपकी चॉइस होनी चाहिए इसलिए अगर इस लेख से rooted device meaning in hindi के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी मिली है तो इसे अपने मित्रों के साथ साझा करें और अपने विचार हमें कमेंट करके बताना ना भूलें। 

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